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FAQ’s About INDIAN Administrative Reforms & Public Grievances Council

We know you may want to understand how your support is used, how we work with communities, and how you can get more involved. Here are some of the most asked questions from our donors and well-wishers.

Clear answers. Honest impact.
  • उत्तर: संघ के प्रमुख उद्देश्यों में जैन पत्र-पत्रिकाओं के संपादकों को संगठित करना, स्वस्थ एवं रचनात्मक पत्रकारिता को प्रोत्साहित करना, जैन दर्शन, अध्यात्म, साहित्य, संस्कृति एवं इतिहास का प्रचार-प्रसार करना शामिल है। इसके अतिरिक्त संघ जैन पत्रकारों के सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक एवं कानूनी हितों की रक्षा हेतु कार्य करता है। संगठन का उद्देश्य जैन समाज के सभी पंथों एवं संप्रदायों के बीच संवाद और भावात्मक एकता को मजबूत करना भी है।

  • उत्तर: अखिल भारतीय जैन पत्र संपादक संघ की स्थापना 2 अक्टूबर 2006 को विजयादशमी के पावन अवसर पर की गई। उस समय यह अनुभव किया गया कि जैन पत्र-पत्रिकाओं और पत्रकारों को एक संगठित मंच की आवश्यकता है, जिससे उनकी वैचारिक शक्ति को समाज और धर्म के हित में प्रभावी रूप से उपयोग किया जा सके। इसी उद्देश्य से संघ का गठन किया गया, ताकि जैन पत्रकारिता को नई दिशा मिले और जैन समाज में जागरूकता, एकता एवं नैतिक मूल्यों की स्थापना हो सके।

  • उत्तर: अखिल भारतीय जैन पत्र संपादक संघ एक राष्ट्रीय स्तर का संगठन है, जिसकी स्थापना वर्ष 2006 में जैन पत्रकारिता को संगठित, सशक्त एवं नैतिक दिशा प्रदान करने के उद्देश्य से की गई। यह संघ भारतवर्ष में विभिन्न भाषाओं में प्रकाशित जैन पत्र-पत्रिकाओं के संपादकों, पत्रकारों, लेखकों एवं विद्वानों को एक साझा मंच प्रदान करता है। संगठन का मुख्य उद्देश्य जैन धर्म, दर्शन, संस्कृति एवं मानवीय मूल्यों का प्रचार-प्रसार करते हुए समाजोपयोगी और रचनात्मक पत्रकारिता को बढ़ावा देना है।

  • अखिल भारतीय जैन पत्र संपादक संघ जैन पत्रकारों के हितों की रक्षा हेतु विभिन्न सुविधाएँ उपलब्ध कराने का प्रयास करता है। इनमें शिक्षण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम, सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, चिकित्सकीय सहायता, कानूनी मार्गदर्शन तथा आवश्यकता अनुसार आर्थिक सहयोग शामिल है। इसके अतिरिक्त संघ शोध पुस्तकालयों एवं शोध संस्थानों की स्थापना कर पत्रकारों एवं विद्वानों को अध्ययन एवं अनुसंधान के अवसर प्रदान करने हेतु प्रतिबद्ध है।

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